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Monsoon Health Tips

बरसात के मौसम में स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करें :



Monsoon Health Tips
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दोस्तों नमस्कार !

इस बार मानसून नियत  समय से 7 दिन पहले भारत में आ चुका है जबकि पिछले कई सालों से 20 जून के बाद ही आता था। इस मौसम में अपने स्वास्थ्य की देखभाल कैसे कर सकते हैं, आइए जानते हैं।

हमें बरसाती मौसम में अपनी सेहत का खयाल रखना आवश्यक है, क्योंकि तमाम तरह की बीमारियां इस मौसम में होने लगती हैं हमे इन बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है,आइए जानते हैं हमे क्या टिप्स अपनाने की जरूरत है :

1. बारिश होने पर भीगने से बचें, जब भी बाहर निकलें तो अपने साथ बरसात से बचने के इक्विपमेंट साथ लेकर चले जैसे छाता और रैन कोट आदि, ताकि पानी में भीगने से बच सकें।

2. बरसाती दिनों में जब भी धूप खिले तो अपने बिस्तर और चादर को धूप में सुखाएं इससे छोटे कीड़े जो बरसात में हो जाते हैं से बचे रहेंगे और बरसाती बदबू से भी बच सकते हैं।
लिहाजा अनहोने इन्फेक्शन से भी बच पाएंगे।

3. सारी कोशिशों के बाद अगर आप भीगने से नहीं बच पाते हैं, तो घर पर आकर भीगे कपड़ों को चेंज करें और सूखे कपड़ों को पहन लें। जल्दी से तुलसी, लौंग, कालीमिर्च और अदरक की चाय बनाकर पीएं ताकि जुकाम, खांसी और सर्दी से बच सकें।

4. बरसाती मौसम में धूप बमुश्किल से निकलती है, ऐसे में गंदे कपड़ों को तब धोएं जब धूप निकली हो तथा धुले कपड़े हवादार स्थान का चुनाव करके डालें ताकि कपड़े ठीक प्रकार से सूख जाएं।

5. इस मौसम में साधारण जूते या चप्पलों का प्रयोग करें अगर हो सके तो प्लास्टिक या रबर से बने हुए जूते चप्पल ही पहने।
बाहर बरसात में भीगे हुए जूते चप्पल घर में आकर हवादार स्थान में दीवार के सहारे सीधा खड़ा करके सूखने दें ताकि उनमें लगा पानी नीचे बह जाए,इस प्रकार पैरों की उंगलियों में भीगने से घाव होने का खतरा रहता है, इससे इस इन्फेक्शन को टाला जा सकता है ।

6. पतले तौलिया चादर का चुनाव इन दिनों में डेली यूज में करें ताकि बार बार भीगने से सुखाने में आसानी हो।

7. पहनने के कपड़े भी पतले तथा सूती होने चाहिए ताकि सूखने मे दिक्कत न होने पाए, महिलाएं साड़ी को पैरों से ऊपर बांधे ताकि बरसाती पानी से न भीग पाएं इसी प्रकार छोटे बच्चे और बड़े, पतले और सादा कपड़े ही पहनें ताकि सुखाने में दिक्कत न हो।

8. बाहर जाते समय सूखे हुए छाता या बरसाती का प्रयोग करें,अगर भीग जाऐं तो उसे दीवार के सहारे उल्टा करके रखें ताकि उसका पानी नीचे गिर जाए तथा छाता जल्दी सूख जाए, इसी तरह बरसाती को हैंगर की सहायता से लटका कर उसे सुखाया जा सकता है।

9. इस मौसम में घर और आस पास पानी के भराव को न होने दें ,छत टपक रही है तो उसे बंद करने का प्रयास करें। चेक करें कि घर में आसपास पानी का भराव तो नहीं हो रहा ? अगर ऐसा है तो उसके निकास की व्यवस्था करें वरना आप और आपका परिवार बीमारियों की चपेट में आ सकता है।

10.  इस मौसम में कमरे के बाहर पायदान को रखें ताकि भीगे पैरों को कमरे में अंदर आने से पहले सुखा सकें । खिड़की और दरवाजों में परदों और फर्श पर कालीन को न बिछाएं।

11. रसोई में रखे हुए बर्तनों को जो लोहे से बने हैं जैसे कढ़ाई, चिमटा, तवा में जंग आने का खतरा बढ़ जाता है ऐसे में जंग लगे बर्तनों को पहले साफ करें फिर प्रयोग में लाएं।

12. घर में रखी हुई खाद्य सामग्री जैसे पापड़, आचार, मुरब्बा आदि का प्रयोग या तो बंद कर दें या फिर नमी से बचाकर रखें अन्यथा फफूंदी लगकर खराब हो जाएंगे।

13.  सबसे महावपूर्ण चीज है पानी,  इसे साफ ही पिएं नगर पालिका के लगे हुए नलों में बरसात के मौसम में गंदा आने लगता है यह लीकेज की वजह से हो सकता है, अतः इसका यूज न करें अथवा उबाल कर पिएं ताकि कोई संक्रमण न होने पाए।

14. बरसात में दही को न खाएं अगर खाना जरूरी है तो नया और ताजी दही का प्रयोग ही करें जिससे आप किसी प्रकार की बीमारी की चपेट में न आ पाएं।

15. बरसात के दिनों में भीगने या भीगे कपड़े पहनने से एलर्जी और फंगस का होना आम बात है अतः इसे न बढ़ने दें अपितु इसका इलाज तुरंत लें।

इस प्रकार हम समझ गए हैं कि ऊपर दिए टिप्स अपना कर बरसात के मौसम में अपने और अपने परिवार का खास खयाल रख सके हैं ताकि हर प्रकार की बीमारी और हेल्थ की केयर की जा सके।
हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी हमें  बताएं अपनी टिप्पणी से अवगत  कराएं। धन्यवाद।

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